नई दिल्लीः चुनावी राज्यों में कोरोना टीके के प्रमाण पत्र पर अब नहीं होगी PM MODI की फोटो- चुनाव आयोग का फैसला,

जिन पांच राज्यों में विधानसभा होने वाले हैं वहां जारी किए जाने वाले कोविड टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर नहीं होगी, क्योंकि वहां आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इन पांच राज्यों में लोगों को जारी किए जाने वाले टीकाकरण प्रमाणपत्रों से पीएम की तस्वीर हटाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय कोविन प्लेटफॉर्म पर आवश्यक फिल्टर लगाएगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक- चुनाव आयोग ने शनिवार को घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच सात चरणों में होंगे और मतगणना 10 मार्च को होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सरकारों, उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मार्च 2021 में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ राजनीतिक दलों की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग के सुझाव पर असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावों के दौरान भी इसी तरह के कदम उठाए थे।

पीएम की फोटो लगाने का मामला अदालत तक भी पहुंचा

टीके के प्रमाणपत्रों पर पीएम की फोटो लगाने का मामला अदालत तक भी पहुंचा है। हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने टीकाकरण प्रमाणपत्र से मोदी की तस्वीर हटाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए पूछा था कि क्या उन्हें प्रधानमंत्री पर शर्म आती है। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की जनता ने चुना है और इसलिए टीकाकरण प्रमाणपत्र पर उनकी तस्वीर लगाने में क्या गलत है। जब याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि अन्य देशों में ऐसी कोई परंपरा नहीं है तो जज ने कहा कि उन्हें भले ही अपने प्रधानमंत्री पर गर्व न हो, हमें अपने प्रधानमंत्री पर गर्व है।

अदालत ने कहा था कि हमारे अलग-अलग राजनीतिक विचार हो सकते हैं। लेकिन वह हमारे प्रधानमंत्री हैं। याचिकाकर्ता की दलील थी कि प्रमाण पत्र एक निजी स्थान है, जिसमें व्यक्तिगत विवरण दर्ज होता है। लिहाजा किसी व्यक्ति की गोपनीयता में दखल देना अनुचित है। उन्होंने दलील दी कि प्रमाणपत्र में प्रधानमंत्री की तस्वीर जोड़ना किसी व्यक्ति के निजी स्थान में घुसपैठ है। इस पर अदालत ने कहा कि देश के 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर होने से कोई दिक्कत होती नहीं दिखती तो आपको क्या परेशानी है। अदालत ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए याचिका को खारिज कर कहा था कि यह एक राजनीतिक एजेंडा लग रहा है।

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मनोज शर्मा

मनोज शर्मा (जन्म 1968) स्वर्णिम भारत के संस्थापक-प्रकाशक , प्रधान संपादक और मेन्टम सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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