Success Story: गांव के स्कूल से पढ़कर डब्ल्यूटीओ में लीगल ऑफिसर बनीं स्वाति, दुनियाभर में रोशन किया गांव का नाम,

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गांव के एक हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़कर निकली स्वाति किसी दिन दुनियाभर में अपने गांव, जिले, प्रदेश ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करेगी, यह किसी ने सोचा नहीं था। स्वाति आज डब्ल्यूटीओ यानी वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन में लीगल ऑफिसर के तौर पर सेवाएं दे रही हैं। स्वाति शर्मा का जन्म राजस्थान, के एक छोटे जिले झुंझुनूं के सूरजगढ़ क्षेत्र के छोटे से गांव काजड़ा में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा काजड़ा, चिड़ावा और पिलानी में हुई।


स्वाति ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया (ICFAI) से कानून में स्नातक की डिग्री यानी एलएलबी की है। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान से ही स्वाति ने खुद को मूट कोर्ट, वाद-विवाद और शोध पत्र लेखन में संलग्न और सक्रिय रखा। उन्होंने कानून के अंर्त:विषय अनुप्रयोगों को समझने के लिए विभिन्न कानून फर्मों और गैर सरकारी संगठनों में भी इंटर्नशिप की। बाद में उन्होंने जर्मनी से एलएलएम भी किया।

एनजीओ से भी जुड़ीं रहीं स्वाति, फिर एचएलई फाउंडेशन बनाया

स्वाति ने कम आय वाले समुदाय में टीच फॉर इंडिया फेलो के रूप में मानव अधिकारों की जमीनी हकीकत, भारत में कानूनों के कार्यान्वयन और खामियों को समझने के लिए काम किया, जहां उन्होंने मार्च 2017 में एक गैर-लाभकारी युवा संगठन, एचएलई फाउंडेशन (हमारा हक) की स्थापना की।

मानवाधिकार के क्षेत्रमें उनके काम ने उन्हें 700 से अधिक परिवारों से जोड़ा। वह सक्रिय रूप से बाल अधिकार, भूमि स्वामित्व अधिकार, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, एलजीबीटी अधिकार, पुन: उत्पादक अधिकार और पर्यावरण और श्रम अधिकार दूसरों के बीच में काम करती रहीं। इसके अलावा, उन्होंने डॉ रीना पटेल को उनकी पुस्तक "हिंदू वीमेन्स प्रॉपर्टी राइट्स इन रूरल इंडिया: लॉ, लेबर एंड कल्चर इन एक्शन" के लिए शोध में सहायता भी की।

इंटरनेशनल लॉ और ट्रेड सेक्टर में की पढ़ाई और ट्रेनिंग

उन्होंने इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ, नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और व्यवसाय कानून में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पूरा किया। इसके बाद, स्वाति ने सेंटर फॉर इंटरनेशनल लॉ एंड डेवलपमेंट में एक रिसर्च फेलो के रूप में प्रो. नरिंदर सिंह (आईएलसी में पूर्व अध्यक्ष) की देखरेख में काम किया, जहां उन्होंने लॉ अंडरग्रेजुएट्स को विजिटिंग फैकल्टी के रूप में एक कोर्स पढ़ाया और एक प्रशिक्षण संगोष्ठी अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और विवाद समाधान का नेतृत्व किया। बाद में उन्होंने जर्मनी के बर्न विश्वविद्यालय से एलएलएम भी किया। इसके अलावा स्वाति ने डब्ल्यूटीआई और सेंटर फॉर डब्ल्यूटीओ स्टडीज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित समर एकेडमी को पूरा किया है।

अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक के साथ काम करने का लक्ष्य

दुनिया की यात्रा करने की इच्छा रखने वाली स्वाति को कानून के अपने जुनून के अलावा, साहसिक खेल, मुक्केबाजी, घुड़सवारी और फोटोग्राफी भी पसंद है। स्वाति को डब्ल्यूटीआई के निदेशक की ओर से स्कॉलरशिप TRAIL+ कार्यक्रम में नामांकित है। स्वाति का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों या थिंक टैंक के साथ एक इंटरनेशनल ट्रेड और इन्वेस्टमेंट लॉयर के रूप में अपना करियर बनाना है। स्वाति अंतरराष्ट्रीय निवेश कानून के मुद्दों और संधि विकास पर काम करने के लिए सरकार के साथ चुनौतीपूर्ण पदों पर भी काम करने के लिए उत्साहित है।

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मनोज शर्मा

मनोज शर्मा (जन्म 1968) स्वर्णिम भारत के संस्थापक-प्रकाशक , प्रधान संपादक और मेन्टम सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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