Republic Day पर CJI DY Chandrachud का देशवासियों को तोहफा, हिंदी-गुजराती-तमिल समेत इन भाषाओं में जारी करेंगे सुप्रीम कोर्ट के 1091 फैसले

CJI DY Chandrachud: गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) देशवासियों को एक खास तोहफा देने जा रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसलों

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CJI DY Chandrachud: गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) देशवासियों को एक खास तोहफा देने जा रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसलों को क्षेत्रीय भाषाओं में भी जारी किया जाएगा। फिलहाल हिंदी, गुजराती, तमिल और उडिया में कोर्ट के फैसलों का अनुवाद किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सीजेआई ने बुधवार (25 जनवरी, 2023) को बताया कि गणतंत्र दिवस पर कोर्ट के 1091 फैसलों को ओडिया, हिंदी, तमिल और गुजराती चार भाषाओं में जारी किया जाएगा।

चार भाषाओं में ट्रांसलेट किए जाएंगे सुप्रीम कोर्ट के फैसले

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों को स्थानीय भाषाओं में जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय भाषाओं में फैसलों को जारी कर इसे सबके लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस पहल में सबसे पहले चार भाषाओं हिंदी, तमिल, गुजराती और ओडिया में फैसलों को ट्रांसलेट किया जाएगा।

बनाई गई समिति

इससे एक दिन पहले सीजेआई ने न्यायमूर्ति एएस ओका की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी, जिसकी देखरेख में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा। न्यायमूर्ति ओका के अलावा, समिति में कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के शर्मिष्ठा, आईआईटी दिल्ली से मितेश कापरा, एक कदम फाउंडेशन के विवेक राघवन और आगमी की सुप्रिया शंकरन भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने की तारीफ

शनिवार को सीजेआई जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सीजेआई की तारीफ की थी और कहा कि यह एक प्रशंसनीय विचार है, जो विशेष रूप से युवाओं की मदद करेगा। प्रधानमंत्री कई बार अदालतों में स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भारत में कई भाषाएं हैं, जो हमारी सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ाती हैं। केंद्र सरकार भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रयास कर रही है, इसमें इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई को अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ने का विकल्प भी शामिल है।

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मनोज शर्मा

मनोज शर्मा (जन्म 1968) स्वर्णिम भारत के संस्थापक-प्रकाशक , प्रधान संपादक और मेन्टम सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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