रोहिणी आचार्य की राह में रोड़ा बन सकता है ऐश्वर्या राय प्रकरण ! लालू-राबड़ी हार चुकीं हैं यादव बहुल सारण सीट

पटनाः आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सियासी कुनबे में अब एक और सदस्य की एंट्री हो चुकी है। लालू-राबड़ी की दूसरे नंबर पर जन्मी बेटी रोहिणी आचार्य सारण लोकसभा सीट से आरजेडी की उम्मीदवार हैं। सोमवार को सोनपुर के बाबा हरिहर नाथ मंदिर में पूजा-अर

4 1 13
Read Time5 Minute, 17 Second

पटनाः आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सियासी कुनबे में अब एक और सदस्य की एंट्री हो चुकी है। लालू-राबड़ी की दूसरे नंबर पर जन्मी बेटी रोहिणी आचार्य सारण लोकसभा सीट से आरजेडी की उम्मीदवार हैं। सोमवार को सोनपुर के बाबा हरिहर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने अपने चुनाव प्रचार का श्रीगणेश कर दिया है। रोहिणी पेशे से डाक्टर हैं और शादी के बाद अपने पति के साथ सिंगापुर में रहती हैं। रोहिणी आचार्य की एक और पहचान है कि अपने पिता लालू के लिए उन्होंने किडनी डोनेट किया। इससे देश भर में उनके प्रति उपजी सहानुभूति की लहर और वर्षों से बिहार की राजनीति को लेकर आते रहे उनके सोशल मीडिया पोस्ट उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का पहले से ही संकेत दे रहे थे।

लालू-राबड़ी की दो बेटियां अब राजनीति में



सियासत में एंट्री के बाद रोहिणी आचार्य लालू परिवार की छठी सदस्य होंगी। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव कानूनी व्यवधान के कारण अब सक्रिय राजनीति में तो नहीं हैं, लेकिन परिवार और पार्टी के लिए वे चाणक्य की भूमिका निभाते रहे हैं। लालू विधायक, सांसद, सीएम और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। पशुपालन घोटाले में लालू की जब गिरफ्तारी हुई तो उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने सीधे सीएम बन कर राजनीति में कदम रखा। फिर बड़ी बेटी मीसा भारती का राजनीति में प्रवेश हुआ। मीसा भारती ने 2014 में राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से कभी आरजेडी में रहे और बाद में भाजपा में शामिल हुए रामकृपाल यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा। उन्हें कामयाबी नहीं मिली। 2019 में भी मीसा ने पाटलिपुत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा। तकरीबन 38 हजार वोटों से वे हार गईं। वर्ष 2016 में मीसा राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में आरजेडी के टिकट पर निर्विरोध निर्वाचित होकर संसद पहुंचीं। मीसा इस बार भी पाटलिपुत्र से आरजेडी की उम्मीदवार हैं। इस बार भी उनका मुकाबला भाजपा के रामकृपाल यादव से ही होना है।

दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य की पहली कोशिश



रोहिणी आचार्य लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की दूसरी संतान हैं। अविभाजित बिहार में वे जमशेदपुर के एमजीएम कालेज से एमबीबीएस कर रही थीं, तभी उनकी शादी समरेश सिंह के साथ हो गई। समरेश के पिता लालू प्रसाद यादव के कालेज के दोस्त थे। समरेश सिंगापुर में रहते हैं। वे एवरकोर पार्टनर्स नाम की कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। रोहिणी भी उनके साथ ही सिंगापुर में रहती हैं। रोहिणी बिहार की राजनीति को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। एक बार तो उन्हें बिहार का डेप्युटी सीएम बनाने की भी अफवाह उड़ी थी। यह वही मौका था, जब तेजस्वी यादव के खिलाफ बेनामी संपत्ति का मामला सीबीआई ने उजागर किया था। भय था कि सीबीआई तेजस्वी को गिरफ्तार कर सकती है। ऐसे में परिवार के किसी बेदाग चेहरे के नाम पर रोहिणी को डेप्युटी सीएम बनाने की चर्चा छिड़ी थी। दरअसल बेनामी संपत्ति मामले में लालू, राबड़ी व तेजस्वी यादव के अलावा लालू की बड़ी बेटी-दामाद मीसा भारती और शैलेश कुमार के नाम भी शामिल हैं। इसी वजह से रोहिणी का नाम उछला था। यह चर्चा इसलिए भी थी कि पशुपालन घोटाले में जेल जाने के बाद लालू ने बिहार के सीएम पद से इस्तीफा देकर अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बना दिया था। माना जा रहा था कि उसी पैटर्न पर रोहिणी को लाया जाएगा।

जरा सारण लोकसभा क्षेत्र के बारे में जान लें



वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के पहले सारण लोकसभा क्षेत्र छपरा लोकसभा क्षेत्र के नाम से ही जाना जाता था। सारण लोकसभा क्षेत्र का पहला चुनाव 2009 में हुआ। आरजेडी के लिए यह सीट लकी इसलिए रही कि पहले ही चुनाव में लालू प्रसाद यादव ने यहां से जीत दर्ज की। राजीव प्रताब रूडी भाजपा के उम्मीदवार थे। हालांकि 2014 में राजीव प्रताप रूडी ने आरजेडी प्रत्याशी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी को 40,948 वोटों से पराजित किया। तब से वे लगातार दो बार सारण से सांसद चुने गए। भाजपा ने तीसरी बार राजीव प्रताप रूडी को छपरा से अपना प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू यादव के समधी और बिहार के भूत पूर्व सीएम दारोगा प्रसाद राय के बेटे चंद्रिका राय को आरजेडी ने मैदान में उतारा था। उन्हें 1,38,429 वोटों से राजीव प्रताप रूडी ने हराया था। चंद्रिका प्रसाद राय की बेटी ऐश्वर्या राय से लालू के बड़े तेज प्रताप यादव की शादी हुई है। विवादों के कारण मामला अदालत तक पहुंचा है। यानी लालू परिवार से चंद्रिका प्रसाद राय की तनातनी चल रही है।

सारण में बदलती रही है जीत-हार की तस्वीर



आजादी के बाद पहली बार 1957 में छपरा लोकसभा सीट पर चुनाव हुआ था तत्कालीन प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के राजेंद्र सिंह जीते थे। उसके बाद 1962, 1967 और 1971 में कांग्रेस के रामशेखर प्रसाद सिंह लगातार जीते। इमरजेंसी के बाद 1977 में जनता पार्टी के बैनर तले लालू प्रसाद यादव ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी। साल 1980 में सत्यदेव सिंह और 1984 में रामबहादुर सिंह जीते। जनता दल के टिकट पर लालू प्रसाद यादव ने 1989 में जीत दर्ज की। जनता दल के ही टिकट पर 1991 में लालबाबू राय विजयी हुए थे। बीजेपी ने पहली बार 1996 में यहां अपना खाता खोला। राजीव प्रताप रूडी भाजपा के टिकट पर जीत कर लोकसभा पहुंचे। हालांकि 1998 में आरजेडी के हीरा लाल राय से रूडी हार गए। रूडी ने मैदान नहीं छोड़ा और 1999 में वे बीजेपी के दोबारा सांसद बने। यादव बहुल इलाका होने के कारण लालू यादव के मन में इस सीट के प्रति मोह हमेशा से रहा है। लालू यादव 2009 में भी अखाड़े में उतरे और इस बार राजीव प्रताप रूडी को हरा दिया। हालांकि 2014 से यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में रही है और रूडी सांसद चुने जाते रहे हैं।

यादव बिरादरी के सारण में सर्वाधिक मतदाता



सारण लोकसभा क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें सोनपुर, मढ़ौरा, गड़खा, अमनौर, परसा और छपरा हैं। सारण में 16,67,253 मतदाता हैं। इनमें सर्वाधिक तकरीबन साढ़े चार लाख यादव वोटर बताए जाते हैं। सवर्णों में राजपूत वोटर डेढ़ लाख, ब्राह्मण और भूमिहार करीब एक लख वैश्य समाज के तीन लाख वोटर हैं। कोइरी-कुर्मी के अलावा लगभग दो लाख महादलित और दलित और 2.50 लाख मुस्लिम वोटर हैं। लालू यादव का दबदबा यहां इसलिए माना जाता है कि रेल मंत्री रहते उन्होंने चार रेल कारखाने सारण में लगवाए।

रोहिणी की राह में ऐश्वर्या खड़ी करेंगी मुश्किल



रोहिणी आचार्य की राह आसान भी नहीं है। अव्वल तो सवर्ण और दलित-महादलित वोटर शायद ही उनके साथ आएं। इसलिए कि सवर्ण भाजपा के पारंपरिक वोटर रहे हैं और नीतीश कुमार की वजह से दलित-महादलित वोटर उनके पक्ष में खड़े होते रहे हैं। वैसे भी एनडीए के पास बिहार में अभी दो दलित चेहरे हैं- पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और चिराग पासवान। इससे भी बड़ी बाधा रोहिणी की राह में उनकी भाभी ऐश्वर्या राय बन सकती हैं। ऐश्वर्या के साथ लालू परिवार के सलूक से स्थानीय यादवों में नाराजगी हो सकती है। ऐश्वर्या के पिता चंद्रिका राय का साथ मिलना भी संदिग्ध है, क्योंकि उनके मन में जरूर यह बात सालती होगी कि उनकी बेटी का भविष्य लालू परिवार ने बर्बाद कर दिया। जब यादवों के बीच श्रद्धेय छवि वाले लालू यादव और राबड़ी देवी को बिना किसी कारण यहां से हार का सामना करना पड़ा तो रोहिणी के सामने तो ऐश्वर्या राय प्रकरण किसी संकट से कम नहीं।

\\\"स्वर्णिम
+91 120 4319808|9470846577

स्वर्णिम भारत न्यूज़ हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

मनोज शर्मा

मनोज शर्मा (जन्म 1968) स्वर्णिम भारत के संस्थापक-प्रकाशक , प्रधान संपादक और मेन्टम सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Laptops | Up to 40% off

अगली खबर

PM Modi Gaya Purnia Visit Live : आज बिहार में पीएम मोदी की दो जनसभा, गया के गांधी मैदान में पहुंचने लगे लोग; सुरक्षा सख्त

स्वर्णिम भारत न्यूज़ टीम, पटना/गया/पूर्णिया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बिहार में आज दो जनसभाओं हैं। गया और पूर्णिया में उनकी जनसभाएं प्रस्तावित हैं। इससे पहले जमुई व नवादा में मोदी जनसभाएं कर चुके हैं। गया में पिछले दो चुनावों में मात खा चुके

आपके पसंद का न्यूज

Subscribe US Now