महंगाई और अत्याचार से PoK में हाहाकार! फायरिंग में 3 की मौत और 100 से ज्यादा घायल

POK Protest Update in Hindi: PoK में पाकिस्तानी सेना और शहबाज़ सरकार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है. दरअसल PoK में पाकिस्तान की सरकार के लगाए गए टैक्स और बढ़ती महंगाई के खिलाफ संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में वहां के लाखों लोग पिछल

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POK Protest Update in Hindi: PoK में पाकिस्तानी सेना और शहबाज़ सरकार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है. दरअसल PoK में पाकिस्तान की सरकार के लगाए गए टैक्स और बढ़ती महंगाई के खिलाफ संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में वहां के लाखों लोग पिछले 5 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने आज प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हो गए और 3 लोगों की मौत हो गई.

महंगाई के विरोध में पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में लोग सड़क पर उतर आए हैं. पीओके में ऐसे प्रदर्शन शुरू हुए कि शहबाज़ सरकार मुश्किल में फंस गई है. विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए शहबाज सरकार ने 23 अरब रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी है. लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, जो पाकिस्तानी सेना और शहबाज सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता है.

अबकी बार, PoK में आर-पार

सड़कों पर बिखरे पत्थर, आगजनी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी. PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद के हालात इस वक्त ऐसे ही बने हुए हैं. यहां कश्मीर की जनता ने सरकार और सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. सरकार और सेना के खिलाफ POK की वाम ने बिगुल फूंक दिया है. कई इलाके में मोबाइल नेटवर्क- इंटरनेट सर्विस बंद हैं और रेंजर्स- सैनिकों के साथ पीओके के लोगों की सीधी भिड़ंत हो रही है.

पीओके में वो हो रहा है जिसे पाकिस्तानी सेना ने सपने में भी नहीं सोचा था. जो सेना लोगों पर भारी थी, वही सेना आज पीओके में खुद अपनी जान बचाकर भाग रही है. लोग उन्हीं के जान के प्यासे बन गए हैं. आवाम का ये गुस्सा आज का नहीं है. ये गुस्सा PoK की आवाम में बीते कई सालों से है, जो अब तेजी से बाहर निकल रहा है.

PoK में बगावत, पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ी

पाक अधिकृत कश्मीर में मंहगाई के खिलाफ बग़ावत ने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ा दी है. सड़क पर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है. हिंसक प्रदर्शन से 100 से ज्यादा लोग घायल है. लोग महंगाई और बिजली की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर हैं. सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

अपने हक और हुकूक के लिए लड़ रही जनता पर शहबाज शरीफ की नापाक सेना गोलियों को बौझार कर रही है. सड़कों पर पड़े खाली कारतूस इस बात की गवाही दे रहे हैं कि कैसे पाकिस्तान की सरकार और सेना PoK की आवाम से डरी है. सेना की गोलीबारी में 3 मासूम जनता की जान चली गई है.

टूट गया पीओके के लोगों का सब्र, आया जलजला

आवाम अत्याचार एक समय तक ही सहती है और जब उसके सब्र का बांध टूट जाता है तो एक जनसमूह का जलजला सड़कों पर उतरता है, अपने हक के लिए लड़ता है. इस लड़ाई में जो सामने आता है, उसे कुचलता हुआ आगे बढ़ जाता है. पीओके से भागकर स्कॉटलैंड में रह रहे कश्मीरी एक्टिविस्ट ने वहां के लोगों की जान बचाने के लिए भारत से मदद मांगी है. अमजद मिर्जा ने कहा, 'हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि वो पाकिस्तानी राजदूत को बुलाकर स्पष्टीकरण मांगे. यह पीओके में दिनदहाड़े होने वाली हत्याएं हैं. इस पर चुप नहीं रहा जा सकता.'

PoK में पाकिस्तानी सेना अत्याचार के वो सारे दायरे क्रॉस कर चुकी है. उसके बाद पीओके के लोगों का सब्र टूटा तो तस्वीरें पलट गई हैं. पाकिस्तान की पुलिस ही जनता से जान बख्शने की गुजारिश कर रही है. प्रदर्शनकारियों ने कोहाला- मुजफ्फुराबाद रोड को बंद कर दिया. ये सड़क 40 किलोमीटर लंबी है और कोहाला शहर को मुजफ्फराबाद से जोड़ती है.

क्यों भड़का है जनता का गुस्सा?

PoK में पाकिस्तान द्वारा लगाए गए करों और बढ़ती कीमतों को लेकर जनता परेशान है. यहां पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों का विरोध हो रहा है. गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की जा रही है. महंगाई और सरकार की ओर से लगाए टैक्स को लेकर नाराजगी है. सस्ता आटा और सस्ती बिजली की भी मांग हो रही है. साथ ही PoK की जनता पाकिस्तान से आजादी भी चाहती है.

पीओकी की जनता के गुस्से को भांपते हुए पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने पीओके के लिए 23 अरब रुपये के प्रावधान की मंजूरी दी है. । ये फंड तब जारी किया गया है, जब पूरे पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

भारत से मिलने की आवाज हो रही तेज

शुक्रवार से ही इस क्षेत्र में सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है. प्रदर्शनकारियों और राज्य सरकार के बीच बातचीत विफल हो गई है. इस मीटिंग में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अलग-अलग जिलों के काउंसलर्स पहुंचे थे। मीटिंग में शामिल हुए रावलकोट के काउंसलर सरदार उमर नाजिर ने कहा कि वह सिर्फ आश्वासन से अपने प्रदर्शन को नहीं रोकेंगे. जब तक उनकी मांगों को लेकर अधिसूचना जारी नहीं होगी, प्रदर्शन चलता रहेगा.

पीओके में भारत के साथ मिलने की आवाज़ें तेज हो रही हैं. पीओके अब भारत से मदद भी मांग रहा है. इधर भारत से भी संकेत मिल रहे हैं पीओके अब ज्यादा दूर नहीं है. पीओके में जिस तरह से पाकिस्तान का विरोध हो रहा है, उससे लगता है कि ये लगने लगा है पाकिस्तान में उठ रही बगावत की आवाज से पाकिस्तान फिर टुकड़ों में बंटेगा.

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मनोज शर्मा

मनोज शर्मा (जन्म 1968) स्वर्णिम भारत के संस्थापक-प्रकाशक , प्रधान संपादक और मेन्टम सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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